पंचांग के पाँच अंग
तिथि: चंद्र दिन। प्रत्येक चंद्र मास में 30 तिथियाँ। अलग-अलग तिथियाँ विवाह, व्यापार और यात्रा के लिए शुभ होती हैं।
वार: सप्ताह का दिन (सोम, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, रवि)। हर दिन का ग्रह स्वामी होता है।
नक्षत्र: 27 चंद्र-मण्डल जिनमें चंद्रमा संचार करता है। प्रत्येक का अपना देवता, स्वभाव, और ग्रह स्वामी।
योग: सूर्य और चंद्र की कोणीय स्थिति। 27 योग, जैसे विष्कुम्भ, साध्य, शुभ, शुक्ल — दिन के समग्र गुण को प्रकट करते हैं।
करण: आधी-तिथि। प्रति तिथि दो करण। शुभ कार्यों के सूक्ष्म समय के लिए।
राहु काल क्या है?
राहु काल लगभग 90 मिनट की दैनिक अवधि है जो राहु से शासित है। दिन के अनुसार बदलती है — सोम 7:30-9:00, मंगल 15:00-16:30, बुध 12:00-13:30, गुरु 13:30-15:00, शुक्र 10:30-12:00, शनि 9:00-10:30, रवि 16:30-18:00 (लगभग)। पारंपरिक रूप से इस समय नए कार्य आरंभ नहीं किए जाते।
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